पीएम विश्वकर्मा योजना
18 पारंपरिक कारीगरी (बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्ज़ी आदि) के कारीगरों के लिए ट्रेनिंग, टूलकिट और सस्ता लोन।
मुख्य लाभ · Main Benefit
स्टाइपेंड के साथ स्किल ट्रेनिंग, टूलकिट के लिए प्रोत्साहन राशि, बिना गारंटी सस्ता लोन, और डिजिटल/मार्केटिंग में मदद।
पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक हुनर वाले कारीगरों और शिल्पकारों की मदद के लिए बनी है, जो हाथ और औज़ार से काम करते हैं।
इसमें 18 पारंपरिक ट्रेड (बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्ज़ी, सुनार, मोची आदि) के कारीगरों को कई तरह की मदद मिलती है — पहचान-पत्र, स्किल ट्रेनिंग के साथ स्टाइपेंड, टूलकिट के लिए प्रोत्साहन राशि, बिना गारंटी सस्ता लोन, और डिजिटल लेन-देन व मार्केटिंग में सहयोग।
मक़सद है कि पारंपरिक कारीगर अपने हुनर से बेहतर कमाई कर सकें और बाज़ार तक पहुँच सकें।
कौन ले सकता है फ़ायदा:
ध्यान दें:
आवेदन कैसे करें:
आवेदन आम तौर पर CSC के ज़रिए होता है — वहाँ आधार से पंजीकरण में मदद मिलती है।
18 पारंपरिक ट्रेड — जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्ज़ी, सुनार, मोची आदि।
पहचान-पत्र, स्टाइपेंड के साथ ट्रेनिंग, टूलकिट प्रोत्साहन, बिना गारंटी सस्ता लोन, और डिजिटल/मार्केटिंग सहयोग।
नज़दीकी CSC पर जाकर PM Vishwakarma पोर्टल पर आधार और ट्रेड की जानकारी के साथ register करें।
18 तय पारंपरिक ट्रेड में हाथ/औज़ार से काम करने वाले कारीगर और शिल्पकार।
नहीं, इसमें बिना गारंटी (collateral-free) सस्ता लोन देने का प्रावधान है।
टूलकिट के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि आप अपने काम के औज़ार ख़रीद सकें। यह ट्रेनिंग और स्टाइपेंड के अलावा मिलती है। मौजूदा राशि और उसे पाने की शर्तें pmvishwakarma.gov.in पर देखें।
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