पीएम स्वनिधि
रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए बिना गारंटी का लोन — ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 की तीन किस्तों में, 7% सालाना ब्याज सब्सिडी के साथ।
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मुख्य लाभ · Main Benefit
बिना गारंटी का लोन — पहली किस्त ₹15,000, दूसरी ₹25,000 और तीसरी ₹50,000 तक, साथ में 7% सालाना ब्याज सब्सिडी
पीएम स्वनिधि (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) शहरों में सड़क, फुटपाथ या गली में सामान बेचने वाले और फेरी लगाने वालों के लिए केंद्र सरकार की माइक्रो-क्रेडिट योजना है। यह जून 2020 में शुरू हुई थी, जब कोविड लॉकडाउन में रेहड़ी-पटरी वालों की कमाई रुक गई और उनकी बचत खत्म हो गई थी।
योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की है और SIDBI इसकी कार्यान्वयन एजेंसी है। सरकार ने लोन देने की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी है।
लोन के अलावा योजना में डिजिटल लेन-देन पर कैशबैक, UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड, और 'स्वनिधि से समृद्धि' के तहत परिवार को दूसरी सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़ना भी शामिल है।
योजना उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है जिन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के तहत नियम और योजना अधिसूचित की है। अब जनगणना कस्बों (census towns) और शहर से सटे (peri-urban) इलाकों के विक्रेता भी इसमें शामिल हैं।
ध्यान दें:
जिनके पास वेंडिंग सर्टिफिकेट (CoV) या पहचान पत्र है:
जिनके पास CoV/पहचान पत्र नहीं है — 'LoR-cum-Loan' आवेदन:
आवेदन से पहले अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करवा लें। केवल पोर्टल से जारी LoR मान्य है — हाथ से बना LoR नहीं चलेगा।
पहली किस्त में ₹15,000 तक, दूसरी में ₹25,000 तक और तीसरी में ₹50,000 तक का लोन मिलता है। इन्हें क्रमशः 12, 18 और 36 महीने में चुकाना होता है। अगली किस्त तभी मिलती है जब पिछली किस्त पूरी चुका दी जाए।
7% सालाना। सब्सिडी हर तिमाही सीधे आपके खाते में आती है, लेकिन केवल उन महीनों की जब आपका लोन खाता Standard (NPA नहीं) रहा। लोन की ब्याज दर बैंक या लोन देने वाली संस्था की अपनी दर के अनुसार लगती है।
वेंडिंग सर्टिफिकेट, पहचान पत्र या LoR; आधार कार्ड; बैंक पासबुक या स्टेटमेंट; और बैंक खाते से जुड़ी UPI ID। योजना के नियम कहते हैं कि बैंक इस सूची से ज़्यादा दस्तावेज़ न मांगें।
पोर्टल, मोबाइल ऐप, नगर निकाय/ब्लॉक कार्यालय या CSC से 'LoR-cum-Loan' आवेदन करें। नगर निकाय या ब्लॉक जांच के बाद पोर्टल पर डिजिटल LoR जारी करता है, और फिर आपका आवेदन बैंक के पास चला जाता है।
सरकार ने लोन देने की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई है। इस तारीख तक दिए गए लोन ब्याज सब्सिडी के पात्र हैं।
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