सुकन्या समृद्धि योजना
बेटी के नाम सरकारी बचत खाता — 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए, सालाना ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा, 21 साल में मैच्योर।
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मुख्य लाभ · Main Benefit
बेटी के नाम बचत खाता — सालाना ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा, 21 साल में मैच्योर, जमा पर धारा 80C में टैक्स छूट
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के लिए भारत सरकार की छोटी बचत योजना है। यह 22 जनवरी 2015 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू हुई थी। इसका मकसद है कि परिवार बेटी की पढ़ाई और शादी के खर्च के लिए जल्दी बचत शुरू करें।
माता-पिता या कानूनी अभिभावक बेटी के नाम यह खाता किसी भी डाकघर, किसी भी सरकारी बैंक या अधिकृत निजी बैंक (HDFC Bank, Axis Bank, ICICI Bank, IDBI Bank) में खोल सकते हैं। मूल रकम और ब्याज, दोनों की गारंटी सरकार देती है। ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है और ब्याज साल में एक बार खाते में जुड़ता है।
बेटी के 18 साल की होने तक खाता माता-पिता/अभिभावक चलाते हैं। उसके बाद बेटी ज़रूरी कागज़ देकर खाता खुद संभाल सकती है।
पात्र नहीं हैं:
बेटी के जन्म से लेकर उसके 10 साल की होने तक। खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोलते हैं, और एक बेटी के नाम केवल एक ही खाता खुल सकता है।
पहली बार कम से कम ₹250, फिर ₹50 के गुणक में। हर वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹250 जमा करना ज़रूरी है और अधिकतम ₹1,50,000 तक जमा कर सकते हैं। इससे ज़्यादा जमा रकम पर ब्याज नहीं मिलता और वह लौटा दी जाती है।
ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है, इसलिए यह बदल सकती है। मौजूदा दर अपने डाकघर, बैंक या राष्ट्रीय बचत संस्थान (NSI) की वेबसाइट पर देखें।
बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने के बाद (जो पहले हो) पढ़ाई के लिए पिछले साल के बैलेंस का 50% तक निकाल सकते हैं। इसके लिए दाखिले का पत्र या फीस की रसीद देनी होती है। पूरी रकम खाता खुलने के 21 साल बाद मैच्योरिटी पर मिलती है।
केवल खास हालात में: 18 साल की उम्र के बाद बेटी की शादी के लिए (शादी से एक महीने पहले से तीन महीने बाद तक), या खाताधारक की मृत्यु होने पर। खाता खुलने के पहले पांच साल में समय से पहले बंद करने की अनुमति नहीं है।
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