पीएम कुसुम
किसानों के लिए सोलर पंप योजना: डीज़ल पंप की जगह सोलर पंप, या मौजूदा बिजली पंप को सोलर से चलाना, केंद्र की 30% सहायता (कुछ राज्यों में 50%)। मूल अवधि 31.03.2026 तक थी; नए आवेदन की पुष्टि राज्य की नोडल एजेंसी से करें।
अंतिम समीक्षा / Last reviewed:
मुख्य लाभ · Main Benefit
योजना में प्रावधान: सोलर पंप लगाने या ग्रिड से जुड़े मौजूदा पंप को सोलर बनाने पर केंद्र की 30% सहायता (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों में 50%), benchmark या tender cost में जो कम हो उस पर; राज्य का हिस्सा हर राज्य में अलग। नए आवेदन की पुष्टि राज्य की नोडल एजेंसी से करें।
पीएम कुसुम (PM-KUSUM, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की योजना है। इसका मकसद खेती में डीज़ल का इस्तेमाल कम करना और किसानों की आमदनी बढ़ाना है। योजना को राज्य सरकार के नामित विभाग (State Implementing Agency) चलाते हैं।
किसानों के लिए इसके दो मुख्य हिस्से हैं। Component B में जहां ग्रिड की बिजली नहीं पहुंचती, वहां डीज़ल पंप की जगह 7.5 HP तक का सोलर पंप लगता है। Component C में पहले से ग्रिड से जुड़े 7.5 HP तक के कृषि पंप को सोलर से चलाया जाता है, और सिंचाई के बाद बची बिजली DISCOM को बेची जा सकती है। दोनों में केंद्र सरकार लागत का 30% देती है (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों में 50%)। राज्य का हिस्सा हर राज्य में अलग होता है।
Component A में किसान अपनी बंजर या खाली ज़मीन पर 2 MW तक का सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली DISCOM को बेच सकते हैं।
योजना की अवधि
जहां ग्रिड की बिजली नहीं है, वहां डीज़ल पंप की जगह 7.5 HP तक का सोलर पंप (Component B), और ग्रिड से जुड़े मौजूदा पंप को सोलर से चलाने की सुविधा (Component C)। Component C में सिंचाई के बाद बची बिजली DISCOM को बेची जा सकती है। दोनों पर केंद्र सरकार लागत का 30% देती है (कुछ राज्यों में 50%)।
केंद्र की सहायता benchmark cost या tender cost, जो कम हो, उसका 30% है। पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में यह 50% है। राज्य का हिस्सा हर राज्य में अलग होता है, इसलिए कुल सब्सिडी अपने राज्य की नोडल एजेंसी से पूछें।
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना की मूल अवधि 31.03.2026 तक थी। MNRE के 28.03.2026 के OM के अनुसार मौजूदा योजना को PM KUSUM 2.0 में शामिल करने का प्रस्ताव है, जो उस समय प्रस्ताव के चरण में थी, और पहले से मंज़ूर परियोजनाओं (PPA या NTP 31.12.2025 तक) को पूरा करने की मोहलत 31.03.2027 तक दी गई। नए आवेदन के बारे में अपने राज्य की नोडल एजेंसी या आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि करें।
7.5 HP तक के पंप पर। इससे बड़े पंप की अनुमति हो सकती है, पर केंद्र की सहायता 7.5 HP पंप जितनी ही रहती है। मौजूदा पंप को सोलर बनाने (Component C) में पंप की क्षमता (kW) के दो गुना तक सोलर पैनल लग सकते हैं।
योजना की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-3333 है। योजना राज्य की नामित एजेंसी चलाती है, जिसकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in के "State Wise Implementing Agencies" हिस्से में है।
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