सीएम-किसान योजना (पहले कालिया योजना)
कालिया योजना अब सीएम-किसान — छोटे-सीमांत किसानों को ₹4,000 सालाना, भूमिहीन परिवारों को ₹12,500। पुराने लाभार्थियों के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं।
मुख्य लाभ · Main Benefit
छोटे व सीमांत किसानों को ₹4,000 प्रति वर्ष (₹2,000 की दो किस्तों में) और भूमिहीन खेतिहर परिवारों को ₹12,500 तीन किस्तों में — यह पीएम-किसान के अतिरिक्त है।
सीएम-किसान योजना (CM-KISAN) ओडिशा सरकार की योजना है, जो राज्य के छोटे व सीमांत किसानों और भूमिहीन खेतिहर परिवारों को खेती और आजीविका के लिए सीधी आर्थिक मदद देती है। यह 8 सितंबर 2024 को शुरू हुई और इसने पुरानी कालिया योजना (KALIA) की जगह ली। राज्य में सरकार बदलने के बाद कालिया का ढाँचा नए सिरे से बनाया गया, ताकि यह केंद्र की पीएम-किसान व्यवस्था से बेहतर तालमेल बिठा सके। नाम और ढाँचा बदला है — किसानों को मिलने वाली मदद बंद नहीं हुई।
पात्र कालिया लाभार्थियों के खाते और प्रोफ़ाइल अपने-आप सीएम-किसान में आ गए हैं। दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की ज़रूरत नहीं है। नाम या रजिस्ट्रेशन "बदलवाने" के नाम पर कोई पैसे माँगे, तो न दें।
नया रजिस्ट्रेशन कराने वालों के लिए शर्त अलग है — उनके पास AgriStack फ़ार्मर आईडी होना अनिवार्य है।
| लाभार्थी | सहायता | कैसे मिलती है |
|---|---|---|
| छोटे व सीमांत किसान, बटाईदार | ₹4,000 प्रति वर्ष | खरीफ़ और रबी में ₹2,000 की दो बराबर किस्तें |
| भूमिहीन खेतिहर परिवार | ₹12,500 | तीन किस्तों में |
दोनों किस्तें आमतौर पर अक्षय तृतीया और नुआखाई के मौक़े पर जारी होती हैं। ये शुभ दिनों के लक्ष्य हैं, क़ानूनी तारीख़ें नहीं — इसलिए कुछ आगे-पीछे हो सकता है।
पूरा पैसा DBT के ज़रिए सीधे आपके बैंक खाते में आता है — बीच में किसी दलाल या दफ़्तर के चक्कर की ज़रूरत नहीं।
सीएम-किसान की राशि केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त है, उसकी जगह नहीं। दोनों में से एक चुनने की ज़रूरत नहीं — पात्र किसान को दोनों योजनाओं का फ़ायदा अलग-अलग मिलता है।
सीएम-किसान के लाभार्थियों के बच्चों के लिए कृषि विद्या निधि योजना भी चलती है। जो छात्र तकनीकी या व्यावसायिक कोर्स कर रहे हैं, उन्हें सरकारी संस्थानों की ट्यूशन फ़ीस, वार्षिक फ़ीस और एकमुश्त फ़ीस सीधे छात्र के अपने बैंक खाते में दी जाती है। कॉशन मनी और दूसरी वापस होने वाली रक़में इसमें शामिल नहीं हैं।
इसके लिए आवेदन scholarship.odisha.gov.in पर होता है।
पहले से कालिया के लाभार्थी हैं तो आपका खाता अपने-आप सीएम-किसान में आ चुका है — दोबारा पात्रता साबित करने या रजिस्ट्रेशन कराने की ज़रूरत नहीं।
पहले से कालिया के लाभार्थी हैं? आपका खाता अपने-आप सीएम-किसान में आ गया है। नीचे दिए गए चरण सिर्फ़ नए रजिस्ट्रेशन के लिए हैं — आपको बस अपनी स्थिति देखनी है।
रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं है। किसी बिचौलिए को पैसे न दें।
कालिया योजना की जगह अब सीएम-किसान योजना चलती है, जो 8 सितंबर 2024 को शुरू हुई। योजना बंद नहीं हुई — राज्य में सरकार बदलने के बाद इसका ढाँचा नए सिरे से बनाया गया, ताकि यह केंद्र की पीएम-किसान व्यवस्था से बेहतर तालमेल बिठा सके।
नहीं। पात्र कालिया लाभार्थियों के खाते और प्रोफ़ाइल अपने-आप सीएम-किसान में आ गए हैं, इसलिए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की ज़रूरत नहीं है। रजिस्ट्रेशन बदलवाने के नाम पर कोई पैसे माँगे तो न दें, और अपनी स्थिति सीएम-किसान पोर्टल पर ख़ुद देख लें।
छोटे और सीमांत किसानों को ₹4,000 प्रति वर्ष मिलते हैं, जो ₹2,000 की दो बराबर किस्तों में आता है। भूमिहीन खेतिहर परिवारों को कुल ₹12,500 तीन किस्तों में मिलते हैं। पूरा पैसा DBT से सीधे बैंक खाते में आता है।
हाँ। सीएम-किसान की राशि केंद्र की पीएम किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त है, उसकी जगह नहीं। दोनों में से एक चुनने की ज़रूरत नहीं — पात्र किसान को दोनों योजनाओं का फ़ायदा अलग-अलग मिलता है।
दोनों किस्तें आमतौर पर अक्षय तृतीया और नुआखाई के मौक़े पर जारी की जाती हैं। ये शुभ दिनों के लक्ष्य हैं, क़ानूनी तारीख़ें नहीं, इसलिए तारीख़ कुछ आगे-पीछे हो सकती है। भुगतान की मौजूदा स्थिति सीएम-किसान पोर्टल पर देखी जा सकती है।
नए रजिस्ट्रेशन के लिए हाँ, यह अनिवार्य है — इसके बिना आवेदन पूरा नहीं होता। जो पहले से कालिया के लाभार्थी हैं और अपने-आप सीएम-किसान में आ गए हैं, उन्हें इसके लिए दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी। फ़ार्मर आईडी बनवाने में मदद नज़दीकी कृषि कार्यालय, CSC या ब्लॉक कार्यालय से मिल जाती है।
18 साल से कम उम्र के लोग, मझोले और बड़े किसान, आयकर देने वाले, सरकारी और PSU कर्मचारी तथा पेंशनभोगी, शहरी क्षेत्र के किसान, और जिनके पास वैध राशन कार्ड नहीं है — ये पात्र नहीं हैं। एक परिवार से एक से ज़्यादा सदस्य भी लाभ नहीं ले सकते।
यह सीएम-किसान लाभार्थियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति है। तकनीकी या व्यावसायिक कोर्स कर रहे छात्रों को सरकारी संस्थानों की ट्यूशन, वार्षिक और एकमुश्त फ़ीस सीधे छात्र के खाते में मिलती है। आवेदन scholarship.odisha.gov.in पर होता है।
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