किसान क्रेडिट कार्ड
किसानों को खेती और उससे जुड़े कामों के लिए बैंक से समय पर ऋण, RuPay कार्ड के साथ, ₹2 लाख तक बिना गारंटी।
अंतिम समीक्षा / Last reviewed:
मुख्य लाभ · Main Benefit
खेती और पशुपालन, डेयरी, मछली पालन जैसे कामों के लिए बैंक से ऋण, RuPay कार्ड, ₹2 लाख तक बिना गारंटी, कार्ड 5 साल तक मान्य
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना 1998 में शुरू हुई थी, ताकि किसानों को फसल उगाने के लिए बैंक से कम समय का ऋण आसानी से और जल्दी मिल सके। संशोधित KCC योजना (2020) में फसल की खेती, कटाई के बाद के काम, फसल बेचने से जुड़े खर्च, घर की ज़रूरतें, खेत के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी और खेती से जुड़े व गैर-खेती कामों के लिए निवेश ऋण — सब एक ही कार्ड से मिल सकते हैं।
संशोधित KCC में RuPay कार्ड मिलता है, जिससे ज़रूरत के हिसाब से पैसा निकाला जा सकता है और डिजिटल भुगतान किया जा सकता है। कागज़ी कार्रवाई एक बार ही होती है। यह योजना वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के ज़रिए चलती है।
2018–19 में KCC की सुविधा मछुआरों और मछली पालकों को भी दी गई। सस्ते ऋण के लिए सरकार ने 2006–07 में संशोधित ब्याज छूट योजना (MISS) शुरू की थी, जो KCC के ज़रिए किसानों तक पहुंचती है।
खुद खेती करने वाले ज़मीन मालिक किसान (अकेले या साथ मिलकर), किराएदार किसान, मौखिक पट्टेदार और बटाईदार, साथ ही स्वयं सहायता समूह (SHG) और संयुक्त देयता समूह (JLG)। 2018–19 से मछुआरे और मछली पालक भी KCC ले सकते हैं।
₹2 लाख तक का ऋण बिना संपार्श्विक (collateral) के मिल सकता है। यह सीमा 1 जनवरी 2025 से ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख की गई है।
एक पन्ने का KCC फॉर्म बैंक की वेबसाइट, agricoop.gov.in या pmkisan.gov.in से डाउनलोड करें, भरें और ज़मीन के रिकॉर्ड की कॉपी व फसलों की जानकारी के साथ अपनी बैंक शाखा में जमा करें। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी फॉर्म भरने और बैंक तक भेजने में मदद करता है।
KCC एक घूमने वाली (revolving) ऋण सुविधा है, जिसकी मान्यता 5 साल तक होती है। इस दौरान किसान अपनी ज़रूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकते हैं।
ब्याज दर और समय पर ऋण चुकाने पर मिलने वाली छूट की मौजूदा शर्तें अपनी बैंक शाखा से ज़रूर पूछें।
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