प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
गरीब परिवारों के बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन, और मुख्य कमाने वाले की मौत पर परिवार को एक बार ₹20,000। पुराना नाम NSAP। दिव्यांगजन पेंशन के बदलाव 14 अक्टूबर 2026 को मंज़ूर हुए, संशोधित दिशानिर्देश आने तक लागू नहीं।
अंतिम समीक्षा / Last reviewed:
मुख्य लाभ · Main Benefit
गरीब परिवारों के बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को केंद्र की ओर से हर महीने ₹200 से ₹500 पेंशन, और मुख्य कमाने वाले की मौत पर परिवार को एक बार ₹20,000। राज्य अपनी ओर से राशि जोड़ते हैं।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (National Social Assistance Programme, NSAP) का नया नाम है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग का प्रस्ताव मंज़ूर किया। इसमें तीन बातें हैं: कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए जारी रखना, योजना और उसकी उप-योजनाओं के नाम बदलना, और दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता, कवरेज और राशि में बदलाव। इसका कुल खर्च (outlay) ₹53,428 करोड़ है।
वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना अपने मौजूदा रूप में जारी रहेंगी, यानी इनकी राशि और नियम नहीं बदले। बदलाव सिर्फ़ दिव्यांगजन पेंशन में है।
ज़रूरी: दिव्यांगजन पेंशन के बदलाव 14 अक्टूबर 2026 को मंज़ूर हुए हैं, पर संशोधित दिशानिर्देश (revised guidelines) आने तक लागू नहीं हैं। PIB के अनुसार ये दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाएंगे।
NSAP 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था। इसका मकसद संविधान के अनुच्छेद 41 (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) के तहत गरीब परिवारों की मदद करना है। केंद्र सरकार इसमें 100% सहायता देती है, ताकि देश में हर जगह लाभार्थियों को एक जैसी सहायता मिले। योजना को राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चलाते हैं, और पेंशन ज़्यादातर सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है। केंद्र की राशि न्यूनतम आधार है। राज्य इसके ऊपर अपनी ओर से राशि (top-up) जोड़ते हैं, इसलिए कुल पेंशन हर राज्य में अलग होती है।
पुराने और नए नाम
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| National Social Assistance Programme (NSAP) | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme (IGNOAPS) | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
| Indira Gandhi National Widow Pension Scheme (IGNWPS) | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| Indira Gandhi National Disability Pension Scheme (IGNDPS) | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| National Family Benefit Scheme | प्रधानमंत्री पारिवार लाभ योजना |
राज्यों के दफ़्तरों और पुराने कागज़ों में आपको पुराने नाम, जैसे NSAP या IGNOAPS, भी मिल सकते हैं। दोनों एक ही योजना हैं।
दिव्यांगजन पेंशन में बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act 2016) की वजह से किया गया है। यह कानून 40% की "बेंचमार्क दिव्यांगता" को आधार मानता है, और दिव्यांगता से जुड़ी सहायता को ऐसी दूसरी योजनाओं से हमेशा 25% ज़्यादा रखने को कहता है।
सभी उप-योजनाओं के लिए
उप-योजना के हिसाब से
नए नियम लागू होने पर किसे फ़ायदा होगा (PIB के अनुसार)
दिव्यांगजन पेंशन के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र ज़रूरी है। बेंचमार्क दिव्यांगता का प्रतिशत प्रमाणित करने वाला प्राधिकारी (certifying authority) तय करता है।
हां। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने और इसे 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल जारी रखने की मंज़ूरी दी। इसकी चार उप-योजनाओं के नाम भी बदले: प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और प्रधानमंत्री पारिवार लाभ योजना।
नहीं, ये राशियां नहीं बदलीं। केंद्र की ओर से वृद्धावस्था पेंशन 60 से 79 साल की उम्र में ₹200 और 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र में ₹500 प्रति माह है। विधवा पेंशन ₹300 प्रति माह है, और 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र में ₹500 प्रति माह। राज्य इसके ऊपर अपनी ओर से राशि जोड़ते हैं, इसलिए कुल पेंशन हर राज्य में अलग होती है।
मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को ये बदलाव मंज़ूर किए: 0 से 79 साल के लिए ₹375 और 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लिए ₹625 प्रति माह, दिव्यांगता की सीमा 80% से घटकर 40% (बेंचमार्क दिव्यांगता), और न्यूनतम उम्र की शर्त हटी, यानी जन्म से पात्रता। ये बदलाव संशोधित दिशानिर्देश जारी होने तक लागू नहीं हैं। PIB के अनुसार दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाएंगे। अभी की दरें 79 साल तक ₹300 और 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र में ₹500 प्रति माह हैं।
गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में मुख्य कमाने वाले सदस्य की मौत होने पर परिवार को एक बार ₹20,000 की सहायता मिलती है। यह योजना पहले National Family Benefit Scheme (राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना) कहलाती थी, और इसकी राशि नहीं बदली।
अपने राज्य के welfare विभाग में। PIB के अनुसार ज़्यादातर राज्यों में यह समाज कल्याण विभाग है, और कुछ राज्यों में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, राजस्व या श्रम विभाग। ग्राम पंचायत और नगरपालिका पात्र लोगों की पहचान में हिस्सा लेती हैं। दिव्यांगजन पेंशन के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र ज़रूरी है। बाकी दस्तावेज़ों की सूची अपने राज्य के विभाग से लें।
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