प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन योजना — 18 से 40 साल की उम्र में जुड़ें, 60 साल के बाद ₹3,000 महीना पेंशन पाएं।
अंतिम समीक्षा / Last reviewed:
मुख्य लाभ · Main Benefit
60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 हर महीने पेंशन — जितना आप जमा करें, उतना ही केंद्र सरकार भी जमा करती है
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की बुढ़ापा पेंशन योजना है। यह 9 अगस्त 2019 से लागू है। ऐसे किसानों के पास बुढ़ापे के लिए अक्सर बहुत कम या कोई बचत नहीं होती, और बढ़ती उम्र में खेती का मेहनत वाला काम मुश्किल हो जाता है — यह योजना उसी के लिए है।
यह स्वैच्छिक और अंशदान (contribution) वाली योजना है। किसान 60 साल की उम्र तक हर महीने ₹55 से ₹200 तक पेंशन फंड में जमा करता है, और केंद्र सरकार भी उतनी ही रकम जमा करती है। 60 साल पूरे होने पर ₹3,000 महीना पेंशन मिलती है।
योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चलाता है। पेंशन फंड का प्रबंधन और पेंशन का भुगतान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) करता है।
पात्र नहीं हैं:
CSC पर नामांकन मुफ्त है — इसके लिए कोई फीस नहीं देनी होती।
60 साल की उम्र पूरी होने पर ₹3,000 हर महीने। पेंशन शुरू होने के बाद किसान की मृत्यु होने पर पति/पत्नी को ₹1,500 महीना पारिवारिक पेंशन मिलती है।
₹55 से ₹200 महीना, 60 साल की उम्र तक। आप जितना जमा करते हैं, केंद्र सरकार भी उतनी ही रकम आपके पेंशन फंड में जमा करती है।
18 से 40 साल के वे छोटे और सीमांत किसान जिनके पास भूमि रिकॉर्ड के अनुसार 2 हेक्टेयर तक खेती की ज़मीन है। NPS/ESIC/EPFO में शामिल लोग, आयकरदाता और सरकारी कर्मचारी जैसे कुछ वर्ग इसमें नहीं जुड़ सकते।
आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर नज़दीकी CSC जाएं। वहां VLE ऑनलाइन पंजीकरण और ऑटो-डेबिट मैंडेट पूरा करेगा। CSC पर पंजीकरण मुफ्त है।
हां। अगर आप पीएम-किसान के लाभार्थी हैं, तो अंशदान सीधे उसी बैंक खाते से भरने का विकल्प चुन सकते हैं जिसमें पीएम-किसान की राशि आती है।
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